#नई सड़क बवाल में आरोप‍ित हाजी वसी और मुख्तार बाबा गैंग की संपत्तियां भी गैंगस्टर में होंगी जब्त#

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महाराजगंज जेल में निरुद्ध सपा विधायक इरफान सोलंकी गैंग के साथ ही अब पुलिस नई सड़क बवाल के मामले में आरोपित जेल में निरुद्ध बिल्डर हाजी वसी गैंग की संपत्तियां गैंगस्टर के तहत जब्त करेगी। इसे लेकर पुलिस टीमों ने गैंग के आरोपितों की अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही पुलिस गैंगस्टर के सह आरोपित वसी गैंग के मुख्तार बाबा समेत अन्य संपत्तियां जब्त करेगी।
बीते वर्ष तीन जून को नई सड़क व चंद्रेश्वर हाता के पास जुमे की नमाज के बाद उपद्रव हुआ था। बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा और बिल्डर हाजी वसी ने क्षेत्र में हिंदुओं के एक मात्र चंद्रेश्वर हाता खाली कराने के लिए एक करोड़ रुपये में सौदा किया था। इसे लेकर भाजपा प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा की टिप्पणी को आधार बनाकर बाजार बंदी की घोषणा की गई थी। बाजार बंदी के विरोध को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते उपद्रव में बदल गया था। बवालियों ने पुलिस पर पथराव, फायरिंग और बमबाजी भी की थी
मामले में पुलिस ने मुकदमे दर्ज करके बाजार बंदी की अपील करने वाले मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद, बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट के मालिक मुख्तार बाबा, बिल्डर हाजी वसी समेत कई लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। एसआइटी की छानबीन में सामने आया था कि हयात के साथ बिल्डर हाजी वसी ने फंडिंग की थी। जिसमें वसी ने डी-टू (जिला-दो) गैंग के अतीक खिचड़ी और सबलू को चार-चार लाख रुपये दिए थे।
इस मामले में करीब सात माह पहले पुलिस ने बिल्डर हाजी वसी को गैंग लीडर बनाते हुए, बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट के मालिक मुख्तार बाबा, डी-टू के अकील खिचड़ी और शफीक को सदस्य बनाकर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसके बाद हाजी वसी के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा काननू) की कार्रवाई की थी। गैंगस्टर के मुकदमे की जांच चल रही है। अब सपा विधायक इरफान गैंग की तरह ही पुलिस हाजी वसी गैंग की भी अपराध से अर्जित की गई संपत्तियां चिह्नित करके जब्तीकरण की कार्रवाई करेगी।
मंदिर का स्वरूप बिगाड़ खड़ा किया था रेस्टोरेंट
रामजानकी मंदिर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है जबकि यहां मंदिर का स्वरूप बिगाड़ कर बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट बनाया गया।
नगर-निगम के पंचशाला रजिस्टर में इसके पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि यहां 90 वर्ष और उससे पहले से मंदिर था। शत्रु संपत्ति संरक्षण समिति के अध्यक्ष शफीकउल्ला गाजी ने बताया कि नगर निगम के दस्तावेजों में मंदिर है।
मंदिर की जमीन को फर्जी तरीके से खरीदा बेचा गया है। 32 साल पहले वर्ष 1991 में रामजानकी मंदिर के व्यवस्थापक लालता प्रसाद ने नौशाद अहमद नाम के व्यक्ति को दुकान किराए पर दी थी।
जिसकी एक रसीद मिली है। उस पर तीन सौ रुपये प्रतिमाह किराया दर्ज है। मालिक की जगह रामजानकी मंदिर का नाम दर्ज है। मंदिर का स्वरूप बिगाड़ने पर बाबा बिरयानी रेस्टोरेंट खड़ा करने का मामला बजरिया पुलिस ने 22 जून 2022 को मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसमें मुख्तार बाबा, उसकी मां हाजरा बेगम, पाक नागरिक आबिद रहमान, मंदिर स्थानांतरण का दावा करने वाले शिवचरण गुप्ता, महमूद उमर, मुंशी सलाउद्दीन, मुजीद, पप्पू सुनार, एत्तेशामुलहक, आमिर सुनार समी पर मुकदमा दर्ज हुआ था। नौ माह से जांच अब तक किसी नजीते तक नहीं पहुंच सकी है।
नई सड़क उपद्रव के मामले में हाजी वसी, मुख्तार बाबा समेत चार पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। गैंगस्टर के तहत इस गैंग के सदस्यों की भी संपत्तियां चिह्नित करके उनके जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर संपत्तियों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है।