



निजामाबाद/आजमगढ़। क्षेत्र के एक शिक्षक के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को लेकर नया मोड़ सामने आया है। संबंधित शिक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की पुनः विवेचना की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के समय वह विद्यालय में उपस्थित थे और इसका प्रमाण बायोमेट्रिक रिकॉर्ड व उपस्थिति रजिस्टर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 मार्च 2025 को सुबह लगभग 8 बजे कथित घटना का समय दर्शाया गया है, जबकि शिक्षक का दावा है कि उन्होंने सुबह 7:48 बजे विद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में घटना स्थल पर उनकी मौजूदगी संभव नहीं थी।
इसके बावजूद उनके विरुद्ध थाना निजामाबाद में मुकदमा संख्या 0097/2025 दर्ज कर लिया गया। शिक्षक ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि प्रारंभिक विवेचना में पुलिस को साक्ष्य दिया गया था, लेकिन विवेचना अधिकारी द्वारा ठोस एवं तकनीकी साक्ष्यों की अनदेखी करते हुए एकपक्षीय कार्यवाही की गई अब उन्होंने पुनः निष्पक्ष विवेचना किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी से करवाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा द्वेषपूर्ण भावना से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष और पारदर्शी पुनः विवेचना कराने की मांग की है, ताकि सत्य सामने आ सके और निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिल सके। शिक्षक ने यह भी कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

