#UP Politics: अब I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर नफा-नुकसान टटोल रहीं मायावती, पार्टी नेताओं से ले रही है फीडबैक#

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हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन और लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा की जबरदस्त तैयारियों को देखते हुए बसपा प्रमुख मायावती अब आइएनडीआइए गठबंधन में शामिल होने को लेकर गंभीर दिखाई दे रही हैं। गठबंधन करने से बसपा को होने वाले नफे-नुकसान का आकलन करने के लिए वह इन दिनों पार्टी नेताओं से फीडबैक ले रही हैं। ज्यादातर नेता मौजूदा परिस्थितियों में गठबंधन से ही पार्टी को सर्वाधिक फायदे की बात कह रहे हैं। जल्द मायावती अपनी शर्तों पर गठबंधन के साथ खड़ी दिखाई दे सकती हैं। लखनऊ में मौजूद बसपा प्रमुख 15 जनवरी को जन्मदिन पर दिल्ली जा रही हैं। दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद बसपा के गठबंधन में शामिल होने की घोषणा हो सकती है।वैसे तो पिछले लोकसभा चुनाव से पहले भी बसपा प्रमुख अकेले ही चुनाव लड़ने की बात करती रहीं, लेकिन पांच वर्ष पहले 12 जनवरी 2019 को उन्होंने ढाई दशक बाद सपा से गठबंधन का एलान किया था। तब देशहित व जनहित को गेस्ट हाउस कांड से ऊपर बताते हुए मायावती ने कहा था कि बसपा और सपा का यह गठबंधन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरु और चेला की नींद उड़ाने वाला है। भाजपा के अहंकारी व तानाशाही रवैये के चलते एकजुट होने का फैसला किया गया है।भाजपा का विजय रथ रोकने में तो यह गठबंधन नाकाम रहा था, लेकिन वर्ष 2014 में शून्य पर सिमटी बसपा 38 सीटों पर ही लड़कर 10 सीटें जीतने में कामयाब रही थी।