#निकाय चुनाव में वोटरों की जागरूकता भी आवश्यक#

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मिर्जापुर। यहां के नगरपालिका चुनाव की रणभूमि में चेयरमैन से लेकर सभासद तक के 38 वार्डों में अनेक पहलवान कूद पड़े है। दांव-पेंच जारी है। कौन किस दल से तथा किस जाति वर्ग का है, इसपर गुटूर-गूँ तो खूब हो रहा है लेकिन नागरिकों को राहत के लिए क्या करना है, इस पर ध्यान फिलहाल कम ही दिखाई पड़ रहा है। ज्यों-ज्यों चुनाव-एक्सप्रेस आगे बढ़ेगा त्यों-त्यों नगर को स्वर्ग बना देने का गोलमटोल लालीपॉप बटने लग जाएगा। मुख्य मुद्दे गायब ही रह सकते है।

वोटर भी करें टर्र-टर्र

ऐसी स्थिति में वोटरों को चाहिए कि वे प्रत्याशियों के समक्ष नागरिक सुविधाओं के मुद्दे रखें। कुछ जागरुक लोगों की ओर से जो मुद्दे आ रहे हैं, फ़िलहाल उन मुद्दों पर जनमानस को वोट देने के पहले विचार तो करना ही चाहिए और सार्थक मुद्दों को उचित प्लेटफार्म से चुनाव तक रखना चाहिए।

जो मुद्दे सुझाव के रूप में आए है, उस पर विचार विमर्श करना चाहिए

1-मां विन्ध्यवासिनी के विश्वप्रसिद्ध धाम विंध्याचल में मिनी नगरपालिका कार्यालय की स्थापना हो।
2-यहां हर दिन भारी संख्या में दर्शनार्थी आते हैं। यहां से मिर्जापुर की छवि अन्यत्र जाती है।
3-नगरपालिका का ऐतिहासिक घण्टाघर स्थित भवन खंडहर में तब्दील हो रहा है, इसे खंडहर होने से बचाया जाए।
4-नगर के मध्य होने के नाते प्रधान कार्यालय घण्टाघर ही पुनः हो।
5-नगरपालिका की सिकुड़ती सम्पत्तियों को सिकुड़न से बचाया जाए तथा जितने गलत एलाटमेंट हुए हैं, उसे निरस्त किया जाए। वरना नगरपालिका किराए के मकान में चली जा सकती है। जैसे जैसे आबादी बढ़ने के साथ स्टाफ बढ़ेगा, स्थान नहीं मिल पाएगा।
6-नगरपालिका के रिटायर्ड कर्मचारियों के चंगुल में फंसे भवनों तथा मकानों को खाली कराया जाए।
7-बार-बार दण्डित कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
8-कलेक्ट्रेट के एक कर्मचारी के हस्तक्षेप से पालिका में हो रही अव्यवस्था को रोका जाए।
9-उक्त कर्मचारी के अनेक खदान के लीज तथा मिर्जापुर एवं अन्य जनपदों में बनाए गए भवनों की जांच की जाए, क्योंकि इस कर्मचारी की वजह से अनेक अव्यवस्था फैल रही है। उसे तहसील में तैनाती स्थल पर भेजा जाए।
10-सड़कों के पुनर्निर्माण में समयबद्ध काम किया जाए तथा गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए।

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इस तरह मुद्दे जनमानस की ओर से प्रत्याशियों के समक्ष रखे जाएं तथा उनसे वादा कराया जाए। नगर को बेहतर बनाने के लिए जनता की जागरूकता भी आवश्यक है।

सलिल पांडेय, मिर्जापुर।