#जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त लेखा अधिकारी से मिला प्राथमिक शिक्षक संघ#

सुल्तानपुर। शैक्षिक सत्र 2025-26 की शुरुआत के साथ जनपद में शिक्षक-शिक्षिकाएं “स्कूल चलो अभियान” एवं “प्रभात फेरी” के माध्यम से नामांकन प्रक्रिया को सफल बनाने में संलग्न हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, सुल्तानपुर का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी से भेंट कर शिक्षकों की अनेक लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग को लेकर मिला।संघ ने बताया कि जनपद के लगभग 500 शिक्षक चयन वेतनमान के लिए पात्र होने के बावजूद ऑनलाइन पोर्टल की धीमी प्रक्रिया के चलते वित्तीय लाभ से वंचित हैं। जबकि अन्य जिलों में यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित है। संघ ने यह भी अवगत कराया कि शिक्षकों की ऑनलाइन सेवा पुस्तिकाओं में नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, व प्रारंभिक कैडर जैसी गंभीर त्रुटियाँ दर्ज हैं । इन त्रुटियों के सुधार हेतु तीन माह पूर्व आवेदन भेजे गए थे, किंतु अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जिससे अनेक शिक्षक चयन वेतनमान के लिए आवेदन करने से भी वंचित हैं।संघ ने बताया कि 12460, 68500, व 69000 भर्ती से नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन अब तक नहीं हो सका है। इस कारण संबंधित शिक्षकों को नियमित वेतन और अवशिष्ट वेतन आदेशों से वंचित रहना पड़ रहा है। संघ ने इस प्रक्रिया में त्वरित गति लाने की मांग की। नामांकन अभियान के दौरान जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की जटिल प्रक्रिया को भी नामांकन में बाधक बताते हुए संघ ने इसे सरल करने की मांग की संगठन ने वर्ष 2006 से 2015 तक सेवानिवृत्त शिक्षकों को नोशनल वेतनवृद्धि प्रदान करने के शासनादेश के क्रम में विकास खंडों से पत्रावलियाँ मंगाकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। साथ ही शिक्षकों को प्रोन्नति वेतनमान, शिक्षामित्र कोटे से चयनित शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने हेतु लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने की अपील भी की।इसके अतिरिक्त संगठन ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान की स्थिति पर भी चिंता जताई। बताया गया कि 31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों का जीपीएफ भुगतान अब तक पूर्ण नहीं हो पाया है, जबकि पूर्व में 30 अप्रैल 2025 तक भुगतान का आश्वासन दिया गया था। कई शिक्षकों के पीएफ लेजर में बोनस, महंगाई भत्ता एवं ऋण की कटौती का समुचित अंकन नहीं किया गया है, जिससे जीपीएफ का गलत आकलन हो रहा है और कम भुगतान की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने शुद्ध और वास्तविक आकलन के आधार पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।जनपद के अनेक शिक्षकों के अवशिष्ट वेतन लंबित हैं जबकि उक्त भुगतान हेतु अनुदान प्राप्त हो चुका है। संगठन ने समस्त लंबित अवशिष्टों का शीघ्र भुगतान कराने की मांग रखी। साथ ही प्रान कार्ड आवंटन/संशोधन हेतु लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण का भी अनुरोध किया।31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त हुए कई शिक्षकों की पेंशन पत्रावलियाँ अब तक अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, अयोध्या मण्डल को प्रेषित नहीं की गई हैं। जैसे कि प्रा.अ. भानुमती, उ.प्रा.वि. कादीपुर का प्रकरण अभी लंबित है। इसके अलावा, मृत्यु उपादान पत्रावलियों में दोहरे मापदंड अपनाए जाने पर भी संगठन ने आपत्ति जताई है। कुछ मामलों में शीघ्र भुगतान किया गया, जबकि समान प्रकृति के अन्य मामलों में अनावश्यक आपत्तियाँ लगाकर देरी की जा रही है, जिससे मृत शिक्षकों के परिजनों में रोष व्याप्त है।संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि इन सभी समस्याओं का निस्तारण 15 दिवस के भीतर नहीं किया गया, तो संघीय विधा में धरना-प्रदर्शन, घेराव जैसी लोकतांत्रिक कार्यवाहियों के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी इस प्रतिनिधिमंडल मे, जिला मंत्री रामाशीष मौर्य, ब्लॉक अध्यक्ष दूबेपुर एवं जिला उपाध्यक्ष रमेश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम मौर्य, संयुक्त मंत्री देशराज, कादीपुर अध्यक्ष अरुण सिंह, मंत्री दूबेपुर एवं जिला संगठन मंत्री फिरोज अहमद, प्रचार मंत्री राहुल मिश्रा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।