#लखनऊ अग्निकांड के बाद आजमगढ़ में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान शुरू#


आजमगढ़, 24 जून 2026।जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जनपद लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून 2026 को घटित हुई दुःखद अग्निकांड की घटना का संज्ञान लेते हुए जनपद आजमगढ़ में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं एवं आम जनमानस की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों में अग्निशमन मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया है कि तत्काल प्रभाव से आवश्यकतानुसार विशेष जांच दलों का गठन कर जनपद के समस्त कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक लाइब्रेरी में सघन अग्नि सुरक्षा जांच अभियान संचालित किया जाए। यह विशेष अभियान निरंतर चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान संस्थानों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी क्रियाशील स्थिति का गहन परीक्षण किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो तथा निकास मार्ग किसी भी प्रकार के अवरोध से मुक्त हों। उन्होंने कहा कि अधिकांश अग्नि दुर्घटनाएं विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण होती हैं, इसलिए सभी प्रतिष्ठानों में विद्युत वायरिंग एवं विद्युत सुरक्षा मानकों की विशेष रूप से जांच की जाए, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त संस्थानों द्वारा प्राप्त फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की वैधता एवं अनुपालन की भी जांच की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन अथवा गंभीर कमियां पाई जाएंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया है कि अभियान की समाप्ति के उपरांत निरीक्षण की गई सभी संस्थाओं की विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) तैयार कर प्रस्तुत की जाए। साथ ही जिन संस्थानों में कमियां पाई गई हों, उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि जनपद के सभी शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा संस्कृति को विकसित करना तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।