#अवैध टेलीफोन एक्सचेंज में इंटरनेशनल काल को कर देते थे लोकल, क्रिप्टो करेंसी में मिलता था भुगतान, मेरठ में छह गिरफ्तार#


मेरठ। साइबर क्राइम और लिसाड़ी गेट पुलिस ने लक्खीपुरा में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का राजफाश कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग फर्जी दस्तावेज पर सिम कार्ड लेकर सिम बाक्स के जरिये अवैध एक्सचेंज चला रहे थे। एक बाक्स में एक साथ 32 सिम लगाए जाते हैं। एक्सचेंज में वायस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल (वीओआइपी) एप के जरिये इंटरनेशन काल को लोकल में कनवर्ट किया जा रहा था। विदेशों में बैठे साइबर ठग अपनी काल इंडियन में कनवर्ट कराकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे।

इसके बदले आरोपितों को विदेशी मुद्रा में क्रिप्टो करेंसी से प्रति काल एक मिनट के एक हजार रुपये भुगतान किया जा रहा था। इससे राजस्व को नुकसान हो रहा है और साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के बताया कि साइबर ठगी के एक मामले में साइबर थाना पुलिस काम कर रही थी।

जांच में सामने आया कि उक्त ठगी जिस नंबर से की गई है, वो लिसाड़ीगेट के लक्खीपुरा में संचालित हो रहा था। साइबर थाना पुलिस ने लिसाड़ी गेट पुलिस को साथ लेकर लक्खीपुरा निवासी कासिम के घर पर छापा मारा। यहां पर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित था। सिम बाक्स से पुलिस को 32 सिम बरामद हुए। उक्त सिम को लैपटाप के जरिये वाइस एप से कनेक्ट किया गया था।

पूछताछ में सामने आया कि साइबर ठगों की इंटरनेशनल काल को लोकल में कनवर्ट कर साइबर ठगी करा रहे हैं। उसकी ऐवज में उन्हें प्रति काल एक मिनट का एक हजार से 1500 रुपये तक मिलते हैं। पुलिस ने अवैध एक्सचेंज से जुड़े आरोपित कासिम, आस मोहम्मद, मोहम्मद चांद उर्फ सोनू, हाशिम, मोहम्मद इमरान, सरफराज निवासी कांच का पुल अहमदनगर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपित प्रतिदिन 35 से 40 हजार रुपये की कमाई कर रहे थे। कासिम ने इसकी नोएडा में ट्रेनिंग ली थी।