एडीए को पता नहीं और बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बन गया ईवीएम भवन


आजमगढ़। सरकार की ओर से जो नियम बनाए गए हैं उनका पालन आम जन मानस के साथ ही सरकार के नुमाइंदों को भी करना होता है। लेकिन जनपद में सरकार के नुमाइंदे ही नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।जनपद में अगर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कोई भवन का निर्माण कराता है तो एडीए की ओर से उसे नोटिस जारी की जाती है। अगर इसके बाद भी वह निर्माण बंद नहीं करता है तो उसके भवन को सील कर दिया जाता है। लेकिन एडीए कार्यालय से मात्र 100 मीटर की दूरी पर दो मंजिला ईवीएम भवन बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हो गया और एडीए को इस बात की भनक तक नहीं लगी।
जनपद में सरकारी भवनों को बनाने के लिए कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं कराना पड़ता है।

लेकिन अगर कोई आमजन अपने भवन का निर्माण कराता है तो उसे एडीए से मानचित्र स्वीकृत कराना पड़ता है। नहीं तो एडीए उसके भवन को सील कर सकता है। इसके बाद उसे मुकदमा तक लड़ना पड़ेगा। इस ईवीएम भवन का निर्माण दो करोड़ 11 लाख 43 हजार रुपये की लागत से किया गया है। सबसे मजे की बात तो यह है कि दो मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया और एडीए के जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात का पता ही नहीं है कि यहां पर नई बिल्डिंग बन रही है। अधिकारियों का कहना है कि हम तो यही जानते हैं कि यहां पर पुराने निर्माण को तोड़कर नया निर्माण किया जा रहा है।