#भारत के अटैक ने दिए जैश के सरगना मसूद अजहर को गहरे जख्म, पूरा परिवार खत्म होने पर कहा- काश मैं भी मर जाता#


रतीय सेना द्वारा अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ने जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है. भारत के मिसाइल हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके आतंकी गुट के 4 सदस्यों की मौत हो गई है. खुद मसूद अजहर ने इसकी पुष्टि की है. पाक सेना ने भी कबूल किया है कि भारत के स्ट्राइक में मदरसे मरकज सुभानअल्लाह इलाके में 13 लोगों की मौत हुई है.

 

भारतीय सेना द्वारा अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ने जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है. भारत के मिसाइल हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके आतंकी गुट के 4 सदस्यों की मौत हो गई है. खुद मसूद अजहर ने इसकी पुष्टि की है. पाक सेना ने भी कबूल किया है कि भारत के स्ट्राइक में  मदरसे मरकज सुभानअल्लाह इलाके में 13 लोगों की मौत हुई है.

मसूद ने परिवार के लोगों की मौत पर रोते हुए कहा कि अगर वह भी मर जाता तो अच्छा रहता. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मिसाइल हमले में मरने वालों में अजहर की बड़ी बहन और उसका पति, अजहर का भतीजा और उसकी पत्नी, एक भतीजी और उसके परिवार के पांच बच्चे शामिल हैं.

15 एकड़ में फैला था जैश का मुख्यालय

ये हमला बहावलुपर में जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर हुआ है.हमले में आतंकी कारी मोहम्मद इकबाल की भी मौत हुई है. कारी इकबाल ही कोटली में चलने वाले आतंकी कैंपों का कमांडर था. मरकज सुभान अल्लाह कराची-तोरखाम राजमार्ग पर बहावलपुर के बाहरी इलाके में स्थित है। यह जैश ए मोहम्मद का मुख्य आतंकी प्रशिक्षण केंद्र है, जो 15 एकड़ इलाके में फैला है. भारतीय सेना का दावा है कि 2019 में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की योजना यहीं बनाई गई थी. खुद मसूद अजहर का घर इसी इलाके में है. हालांकि पाकिस्तानी सेना ने भारत के हमले के डर से उसे किसी अज्ञात स्थान में छुपाया हुआ है. बता दें कि मरकज सुभान अल्लाह का निर्माण साल 2015 में हुआ है और इसके लिए पाकिस्तानी सरकार ने फंडिंग दी थी. जैश ए मोहम्मद को साल 2001 में भारत ने आतंकी संगठन घोषित किया था. जैश ए मोहम्मद पर साल 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले को भी अंजाम देने का आरोप है.