#बहन ने किया प्रेम विवाह… गांव वालों ने ताना मारा तो जीजा की गोली मारकर हत्या, गिरफ्तार#

- Advertisement -

बहन के प्रेम विवाह पर गांव वालों के ताना मारने पर नाबालिग साले ने जीजा के सीने में गोली दागी थी। वह बहन की भी हत्या करना चाहता था। दो तमंचे साथ लेकर आया था। जीजा की हत्या के बाद दूसरे तमंचे से बहन पर गोली चलाई। निशाना चूकने पर बहन बच गई। इसके बाद शोर होने पर उसे वहां से भागना पड़ा था। पुलिस ने शुक्रवार को हत्यारोपित को रोहता चौराहे के पास गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपित नाबालिग है।उसे किशोर गृह भेजा गया है।
13 मार्च की रात साले ने जीजा के सीने में मारी थी गोली
सदर के रोहता में 13 मार्च की रात को 28 वर्षीय राज सिंह परमार की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गांव पतर्रा थाना बसेरी जिला धौलपुर निवासी राज गर्भवती पत्नी रामादेवी को प्रसव के लिए आगरा लेकर आया था। रोहता में परिचित के यहां कमरे में रह रहा था। हत्याकांड से पांच दिन पूर्व वह अपने साले को कमरे पर लेकर आया था। रामादेवी ने पति की हत्या में छह लोगों को नामजद किया था।
प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि आरोपित नाबालिग है। पूछताछ में उसने बताया कि बहन की शादी 14 वर्ष पहले अलवर निवासी युवक से हुई थी। जिससे 10 व आठ वर्ष बच्चे हैं। राज सिंह का तीन वर्ष से गांव में जाना-जाना हो गया था। राज और वह सुबह दौड़ लगाने जाते थे। जिससे दोनों के बीच परिचय हो गया। राज उसे अपना दोस्त कहने लगा। उसके घर पर आने-जाने लगा।

रामा देवी का पति से विवाद चल रहा था
रामादेवी अलवर से एक बार पहले भी राज के साथ चली गई थी। पति द्वारा वहां पर अभियोग दर्ज कराया गया। रामादेवी ने बयान दिया कि वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। वह मायके चली आई। पौने दो वर्ष पहले दोबारा राज के साथ हैदराबाद चली गई। जिसे लेकर गांव वाले परिवार को ताना मारने लगे थे। जिसके चलते उसे राज से खुन्नस हो गई थी। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपित से दोनों तमंचे बरामद किए हैं। उसे किशोर गृह भेजा गया है।
जीजा को स्वजन से अलग होने का विश्वास दिलाने के बाद आया था साथ
आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसे किसी से पता चला कि जीजा बहन को लेकर आगरा में रह रहा है। जिसके बाद ही उसने दोनों की हत्या करने की साजिश रची। उसने एक युवक के माध्यम से दो तमंचे खरीदे। इसके तहत राज को वाट्सएप कॉल की। उसे बताया कि वह परिवार से अलग हो गया है। उसके साथ हैदराबाद में काम करना चाहता है। राज को विश्वास में लेकर वह उसके साथ कमरे पर आ गया। एक दिन उसके साथ मजदूरी करने भी गया। बहन-जीजा की हत्या के लिए दो तमंचे लिए थे। जिससे कि बिना देर किए दोनों के सीने में गोली उतार सके। 13 मार्च की आधी रात को उसे मौका मिल गया। जीजा के सीने में गोली मारने की आवाज पर बहन जाग गई। दूसरे तमंचे से उस पर गोली चलाई, लेकिन हाथ हिलने से निशाना सही नही लगा। वह बच गई।