#गाजियाबाद जासूसी कांड में बड़ी कार्रवाई, 5 नाबालिगाें समेत 9 और गिरफ्तार; पाकिस्तानी आकाओं से जुड़े तार#

गाजियाबाद। गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र में सामने आए जासूसी प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं। बालिग आरोपितों की पहचान गणेश, गगन, दुर्गेश और विवेक के रूप में हुई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार ये सीधे पाकिस्तानी आकाओं से संपर्क में थे। इस कार्रवाई के बाद मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 15 हो गई है, क्योंकि इससे पहले 14 मार्च को छह आरोपितों को पकड़ा गया था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों से पूछताछ कर रही हैं और इसके अन्य संभावित कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

बीट पुलिस अधिकारी की सतर्कता से खुला नेटवर्क

इस जासूसी गिरोह का खुलासा किसी बड़े अभियान से नहीं, बल्कि बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) की सतर्कता से हुआ। आजकल जहां अधिकतर मामलों में पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और सीडीआर के जरिए अपराधियों तक पहुंचती है, वहीं इस मामले में एक साधारण बातचीत ने बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।

मार्च की शुरुआत में कौशांबी थाना क्षेत्र में तैनात एक बीपीओ क्षेत्र में गश्त के दौरान एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर पहुंचा। वहां कुछ युवक बैठे हुए थे। सामान्य बातचीत के दौरान एक युवक ने बताया कि वह सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता है।

बातचीत के दौरान उसने यह भी बताया कि उसका एक साथी कैमरे लगाकर फोटो और वीडियो बनाकर रुपये कमाता है। यह जानकारी बीपीओ को संदिग्ध लगी और उसने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी।

मोबाइल फोन में मिले संवेदनशील जगहों के फोटो

पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और मेरठ में सुभारती यूनिवर्सिटी के पास रहने वाले बिजनौर के नहटौर निवासी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो तक पहुंची।

जब पुलिस ने उसका मोबाइल फोन खंगाला तो जांच अधिकारियों के होश उड़ गए। मोबाइल में रेलवे स्टेशन, सैन्य प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों की तैनाती वाले स्थानों के फोटो और वीडियो मिले। इसके साथ ही कई संदिग्ध विदेशी नंबरों से बातचीत के साक्ष्य भी सामने आए।

पूछताछ में खुलीं गिरोह की परतें

सुहेल मलिक से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि यह कोई एक-दो लोगों का मामला नहीं, बल्कि संगठित तरीके से काम कर रहा गिरोह है।

इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपितों तक पहुंच बनाते हुए भोवापुर निवासी प्रवीन, संभल के ज्ञानपुर सिसौना निवासी इरम उर्फ महक, भोवापुर निवासी राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार को गिरफ्तार किया था।

रुपयों के लालच में भेजते थे संवेदनशील जानकारी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रुपयों के लालच में संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो बनाकर विदेशी हैंडलरों को भेजते थे। साथ ही वे अन्य युवाओं को भी इस काम में जोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आरोपितों से पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ कर रही हैं और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तथा संभावित विदेशी कनेक्शन की जांच की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों की भी जांच जारी

सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में एनआइए और रॉ समेत कई सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हैं। हाल ही में संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जांच के दौरान नेटवर्क के कई और कड़ियों के सामने आने की आशंका है।