

-अभी तक मरम्मत कराने में फेल रहा बाढ़ खंड, जगह-जगह रेन कट
-तमसा नदी का बढ़ता जा रहा दबाव, आला अफसरों के तेवर कड़े
आजमगढ़: शहर को तीन तरफ से घेर का बहने वाली तमसा नदी उफान पर है। रोडवेज-करतालपुर बाईपास से तटवर्ती गांवों व मोहल्लों के लोग जलजमाव से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। उपर से बाईपास पर कई स्थानों पर हुए रेनकट और राजघाट के सामने ज्योति निकेतन स्कूल के समीप रेग्यूलेटर की दीवार बारिश के कारण ध्वस्त हो गई है। जिसकी मरम्मत जिम्मेदार विभाग बाढ़ खंड दूसरे दिन भी रविवार को भी नहीं करा सका। ऐसे में बांध पर मंडरा रहे आसन्न खतरे को देख निचले इलाके और शहर के कई मोहल्लों के लोगों की सांसें अटक गईं हैं। हालांकि आला अधिकारियों के निर्देश पर बाढ़ खंड के एक्सईएन दिलीप कुमार मातहतों के साथ मौके का निरीक्षण तो किए लेकिन देर शाम तक कार्य शुरू नहीं हो सका था।
शहर से पश्चिम बागेश्वर नगर, कोलबाजबहादुर, कोलपांडेय के अलावा निकटवर्ती मोहल्लों को तमसा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए बागेश्वर नगर से लेकर लालडिग्गी तक शहर सुरक्षा बांध बना था। कालातीत में जब तमसा नदी ने धारा बदल दी तो रोडवेज से लेकर ज्योति निकेतन स्कूल तक शहर बाईपास बांध बना। जिस पर तीन रेग्यूलेटर स्थापित किए गए हैं, जिससे आमदिनों में निचले इलाकों का पानी नदी में जा सके। बाढ़ से पूर्व प्रशासन के निर्देश पर बांधों और रेग्यूलेटरों की मरम्मत के साथ ही रेग्यूलेटरों की आयलिग-ग्रीसिग करने के साथ ही जगह-जगह एडवांस मिट्टी रखी जाती है लेकिन आफत की बारिश ने बाढ़ खंड की बाढ़ से पूर्व तैयारियों की पोल खोल दी है।