#MP में चोरी का अनूठा केस… 100 रुपये का गेहूं चुराकर 90 किमी दूर जा छिपा आरोपी, 45 साल बाद पुलिस ने पकड़ा#

इंदौर। कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में सामने आया यह मामला बताता है कि कानून की याददाश्त भी कमाल की होती है। 20 साल की उम्र में 100 रुपए के गेहूं की चोरी करने वाला आरोपी खुद को सुरक्षित समझ रहा था, लेकिन 45 साल बाद वही मामला उसके लिए गिरफ्तारी और जेल की वजह बन गया।

खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र अंतर्गत बलकवाड़ा थाना की खलटंका चौकी पुलिस ने वर्ष 1980 में दर्ज गेहूं चोरी के प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार धर दबोचा। आरोपी सलीम पिता मुजीद, निवासी ग्राम बलखड़, ने 45 साल पहले बालसमुंद काकड़ क्षेत्र के खेतों से गेहूं चोरी किया था। उस समय चोरी गए गेहूं की कीमत करीब 100 रुपए थी और आरोपी की उम्र महज 20 साल थी।

90 किलोमीटर की दूरी, 45 साल का इंतजार

चोरी के बाद सलीम फरार हो गया और धार जिले के बाग कस्बे में बस गया। यहां वह अपने बेटे के साथ किराना दुकान चलाकर सामान्य जीवन जी रहा था। उसे भरोसा था कि इतने साल बाद कानून उसे भूल चुका होगा। लेकिन पुलिस की एक साइबर सेल आधारित जांच ने उसकी पहचान उजागर कर दी।

खलटंका चौकी प्रभारी मिथुन चौहान ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान आरोपी को बाग से गिरफ्तार किया गया। हैरानी की बात यह रही कि महज करीब 90 किलोमीटर दूर रह रहे आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को पूरे 45 साल लग गए।

कोर्ट ने भेजा जेल

गिरफ्तारी के बाद शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में आशीष सोमवंशी, आरक्षक सुमित और साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि समय कितना भी बीत जाए, कानून से बच पाना आसान नहीं है। 100 रुपए की चोरी, जिसने आरोपी को लगा था कि इतिहास बन चुकी है, वही उसके बुढ़ापे में कानून का हिसाब बनकर सामने आ गई।