


(प्रयागराज)। उसका पति मध्य प्रदेश के बडगांव गांव में हिंडालको कंपनी में काम करता है। शुक्रवार को पति कोरांव फिर कटका गांव के सामने पहुंचा, वहां से फोन पर घूरपुर स्थित घर जाने की बात कही लेकिन पहुंचा नहीं। इसके बाद पत्नी के मोबाइल के वाट्सएप पर उसकी हाथ बंधी फोटो भेजकर मैसेज लिखा गया। कहा गया कि उसके पति को अगवा कर बंधक बनाया गया है। एक लाख रुपये फिरौती मांगी गई। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को इस मामले में झोल नजर आ रहा है।
घूरपुर थाना क्षेत्र के कंजाशा गांव निवासी घनश्याम निषाद पुत्र राजमणि निषाद कई वर्षों से मध्य प्रदेश के बडगांव गांव में हिंडालको कंपनी में काम करता है। पति के बाहर चले जाने पर पत्नी शकुंतला देवी अपने दो बच्चों के साथ करछना क्षेत्र में मीरजापुर-प्रयागराज हाईवे के बगल कटका गांव में रहती है।
शकुंतला देवी के अनुसार शुक्रवार दोपहर घनश्याम निषाद बस से पहले कोराव राव आया और वहां से बस पकड़ कर कटका गांव के सामने पहुंचा। इसके बाद उससे फोन पर कहा कि अभी हम घर जा रहे हैं बाद में आएंगे। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचा।

रात आठ बजे के करीब घनश्याम के मोबाइल से पत्नी के मोबाइल फोन पर उसके पति को अगवा कर बंधक बनाने तथा पति को छुड़ाने के लिए एक लाख रुपये देने का मैसेज आया। मैसेज में यह भी कहा गया कि अगर इस मैसेज को गंभीरता से नहीं लिया गया तो उसके पति को मार दिया जाएगा। साथ ही शकुंतला देवी के मोबाइल पर घनश्याम का दोनों हाथ बंधा हुआ फोटो भी भेजा गया।
मोबाइल फोन पर आया मैसेज को देख ससुराली जनों में सनसनी फैल गई। धीरे-धीरे शाम से रात हो गई। इसी बीच घनश्याम निषाद का फोन भी बंद हो गया। फोन बंद होने तथा मैसेज को देख घबराए ससुराली जनों ने शनिवार को करछना थाना पर पहुंचकर पहुंच कर जानकारी दी। शकुंतला देवी ने बताया कि पुलिस जांच करने की बात कह कर 24 घंटे तक इंतजार करने की बात कही। हालांकि रविवार सुबह तक घनश्याम का सुराग नहीं लगने पर स्वजन में रोना-पिटना मच गया।
इस संबंध में करछना थाना प्रभारी अनूप कुमार सरोज ने बताया कि युवक की लोकेशन मुंबई में मिल रही है। वह अपने अपहरण की झूठी कहानी बता रहा है। जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा तो मामले का राजफाश हो जाएगा।
