#हीरा कारोबार में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, संगठित गिरोह का पर्दाफाश, दुबई तक नेटवर्क, पंजाब पुलिस खोलेगी परतें#

 हीरा कारोबार के नाम पर एक करोड़ 80 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस संगठित गिरोह का नेटवर्क दुबई तक फैला हुआ है। जीरकपुर थाना पुलिस ने लंबी जांच के बाद दुबई और भारत में सक्रिय बताए जा रहे वरम एक्सपोर्ट्स कंपनी से जुड़े कई आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है।

अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले संगठित आर्थिक अपराध गिरोह की अब पुलिस परतें खोलेगी। ढकोली स्थित मोतिया हाइट्स में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी रमेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ा दी है।

वर्ष 2023 में रियल एस्टेट व्यवसाय के दौरान रमेश की मुलाकात सोनू चौहान नामक महिला से हुई। सोनू ने खुद को पंजाब में वरम एक्सपोर्ट्स की प्रतिनिधि बताया और कंपनी के निदेशक बताए जा रहे अंकुश शर्मा, उनकी पत्नी उमा शर्मा, रमेश किरुबलानी और राम प्रवीण कंगराज से रमेश व उसके सहयोगियों की मुलाकात करवाई।

इन लोगों ने खुद को दुबई स्थित अंतरराष्ट्रीय हीरा कारोबारी बताते हुए निवेश पर 10 से 12 प्रतिशत सुनिश्चित मुनाफे का लालच दिया। कंपनी से जुड़े दस्तावेज, ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी नंबर और एमएसएमई पंजीकरण भी दिखाए। निवेशकों का विश्वास मजबूत करने के लिए उन्हें दुबई स्थित कंपनी कार्यालय का दौरा भी करवाया गया, जहां हीरे के कारोबार का प्रदर्शन किया गया।

इसके बाद 10 जुलाई और 19 जुलाई 2023 को जीरकपुर में लिखित निवेश समझौते किए गए। समझौतों के तहत रमेश कुमार, उनके बेटे कशिश मोगा तथा उनके साझेदार जसप्रीत सिंह और जतिंदर मोगा द्वारा अलग-अलग तारीखों में बैंक ट्रांसफर, नकद भुगतान और चेक के माध्यम से कुल 1.80 करोड़ रुपये आरोपितों को दिए गए। रकम लेने के बावजूद आरोपितों ने न तो तय समय पर मुनाफा दिया और न ही मूलधन वापस किया।

निवेश समझौते और बैंक खातों की जांच की

जांच के दौरान पुलिस ने निवेश समझौते, बैंक खातों का विवरण, चेक, नकद लेन-देन, ईमेल संवाद और गवाहों के बयान की जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद जीरकपुर थाने में अंकुश शर्मा, उमा शर्मा, रमेश किरुबलानी, राम प्रवीण कंगराज और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है।