


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह घने कोहरे के कारण बेहटामुजावर क्षेत्र के जोगीकोट गांव के पास यूपीडा कर्मियों द्वारा खुला छोड़े गए कट से निकल रहे डंपर से 70-80 किमी की रफ्तार में जा रहा ट्रक टकरा गया। पलक झपकते ही एक के बाद एक 11 अन्य वाहन भिड़ते चले गए। हादसे में 14 लोग घायल हो गए।
आगरा से लखनऊ जाने वाली लेन पर चार किमी लंबा जाम लग गया और यातायात ठप हो गया। डेढ़ घंंटे की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहन हटाए जा सके। जांच करने पहुंचे एसपी जयप्रकाश सिंह ने कट खुला छोड़े जाने पर यूपीडा कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। जिसके बाद खुले कट को बंद करने का काम शुरू किया गया।
हरियाणा के हिसार का निवासी ट्रक चालक लीला सरसों का तेल लादकर हिसार से बिहार जा रहा था। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान जोगीकोट गांव के पास डिवाइडर के खुले कट से एक डंपर आगरा से लखनऊ वाली लेन में घूमने लगा। कोहरा अधिक होने से ट्रक डंपर से टकरा गया। दोनों वाहन 100 मीटर तक घिसटते चले गए। जिससे भारी वाहन और कार लेन जाम हो गई। इसी दौरान 70-80 की रफ्तार में आ रही तीन कारें आपस में भिड़ गईं।

वाहन में फंसे लोग निकल ही पाए थे कि ट्रैक्टर लादकर जा रहा एक ट्रेलर भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में जा घुसा। शोर शराब के बीच ट्रेलर चालक कुछ समझ पाता पीछे से दिल्ली से बिहार जा रही दो भाइयों की कार, दिल्ली से लगभग 40 यात्रियों को लेकर आ रही स्लीपर बस, आपस में टकरा गए। बस चालक इटावा के मालायन निवासी विवेक केबिन में फंस गए।
इसके बाद दूसरी बस और अन्य वाहन भी टकराते चले गए। बस के यात्रियों ने खिड़की के शीशे तोड़ बाहर निकलकर जान बचाई। यूपीडा, पुलिस और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। जेसीबी और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद यातायात बहाल किया जा सका। घायलों को एंबुलेंस से बांगरमऊ सीएचसी भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 14 में से नौ घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सीओ संतोष सिंह ने बताया कि रेस्क्यू अभियान चला घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोई जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद डीएम गौरांग राठी व एसपी जयप्रकाश सिंह ने लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जता जांच के निर्देश दिए हैं।
खुद के निकलने को यूपीडा ने बनाए कट, बंद करना भूले कर्मी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हर छह से आठ किमी में डिवाइडर में कट बनाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर यूपीडा के वाहन एंबुलेंस आने-जाने के लिए इन्ही कटों का प्रयोग करते हैं। काय पूर्ण होने के बाद लोहे की ग्रिल से कट बंद किया जाता है। गुरुवार सुबह जिस कट से डंपर निकला, उसे कर्मी बंद करना भूल गए थे। यही गलती हादसे की वजह बनी। डीएम गौरांग राठी ने भी कड़ी नाराजगी जता जांच के निर्देश दिए हैं।
आश्वासन देकर भूले अधिकारी, अव्यवस्थाएं बन रही जानलेवा
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा की दृष्टि से यूपीडा अधिकारियों ने तारबंदी, पर्याप्त रोशनी और अवैध कट बंद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर व्यवस्थाएं नाकाफी दिखीं। यहीं वजह रही कि कोहरे में कट से निकल रहा डंपर ट्रक चालक को नजर नहीं आया और वह उससे टकरा गया।इसके बाद लगातार वाहन एक दूसरे से टकराते चले गए।
पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार, बाल-बाल बचे दो सगे भाई
ट्रेलर और बस के बीच फंसी कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। कार सवार बिहार के बेगूसंराय निवासी रितेश व विक्रम यादव दिल्ली से बिहार जा रहे थे। हादसे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 13 फीट लंबी कार सिकुड़कर महज पांच फीट की रह गई। समय रहते दोनों भाई कार से निकल गए, जिससे उनकी जान बच गई।
डेढ़ घंटे तक बस में फंसा रहा चालक, टूटा दाहिना पैर
हादसे के बाद स्लीपर बस का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक विवेक उसमें फंस गया। करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद उसे बाहर निकाला जा सका। विवेक ने बताया कि हादसे के दौरान उसे लगा कि अब वह जिंदा नहीं बच पाएगा। लगातार टकराते वाहनों और यात्रियों की चीख-पुकार से माहौल भयावह हो गया था। हादसे में उसका दाहिना पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया।
हादसे में ट्रक चालक लीला और बस चालक विवेक समेत अधिकतर बस की सवारियां घायल हुई। बस में सवार सुल्तानपुर निवासी रत्नेश चौरसिया पत्नी रीता और दो मासूम बच्चों के साथ सुल्तानपुर जा रहे थे। वहीं कार सवार दो भाई बिहार के बेगूसराय रितेश व विक्रम दिल्ली से बिहार जा रहे थे। अमेठी निवासी प्रमोद अपने चार स्वजन के साथ दिल्ली से अमेठी लौट रहे थे।यात्रियों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक यात्री थे।
यह हुए घायल
रत्नेश चौरसिया निवासी राजेंद्र नगर, सुल्तानपुर, लीला निवासी हिसार हरियाणा, प्रमोद निवासी निमियापुर अमेठी, रेनू यादव निवासी निमियापुर अमेठी प्रमिला निवासी निमियापुर अमेठी, सोनिया निवासी निमियापुर अमेठी, रितेश यादव व विक्रम यादव निवासी बेगूसराय बिहार, दीपू जायसवाल, लक्ष्मी निवासी किशुनपुर मितौली बाजार जिला महराजगंज, नीतीश मिश्रा निवासी खेमरिया कला विंध्याचल मिर्जापुर, विवेक, शिवम निवासी मलायन बढ़पुर इटावा, दीपक कुमार निवासी मंडावर, बिजनौर घायल हो गए।
घने कोहरे के चलते पूर्व में हुए हादसे
-14 दिसंबर 2025: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर शादीपुर गांव के पास निर्माणाधीन गंगा और आगरा लखनऊ एक्सप्रेस के इंटरचेंज के पास बस, कार समेत 10 वाहन आपस में टकराने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
-16 दिसंबर 2025: एक्सप्रेस वे की हवाई पट्टी पर फार्च्यूनर कार के कंक्रीट बैरियर से टकराने से सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और काले नमक के व्यापारी अशोक अग्रवाल उनके भतीजे अभिनव अग्रवाल समेत चार की मौत हो गई थी।
