#UP: एसआईआर…2003 के बाद परिवार में आईं बहुओं को देना होगा माता-पिता का विवरण, बीएलओ तीन बार जाएंगे घर#

Azamgarh News: बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जो 2003 के बाद शादी के बाद ससुराल आ गई है। ऐसे में इन महिलाओं को गणना प्रपत्र में अपने माता पिता का विवरण दर्ज करना होगा। वहीं निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सख्ती बढ़ा दी है। अब एसआईआर प्रपत्र भरवाने और जमा कराने के लिए बीएलओ केवल तीन बार ही घर पर विजिट करेंगे। तीन विजिट के बाद भी यदि मतदाता प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराता, तो 9 दिसंबर के बाद उसे स्वयं निर्वाचन कार्यालय के चक्कर लगाने होंगे।

एसआईआर प्रपत्र में कुल तीन खंड हैं। खंड एक और दो सभी मतदाताओं के लिए अनिवार्य हैं, जबकि खंड संख्या तीन 2003 के बाद परिवार में शामिल हुए सदस्य विशेषकर बहुओं के लिए है, जिसमें उन्हें अपने माता या पिता का विवरण देना होगा। एसआईआर के आधार पर तैयार मतदाता सूची का उपयोग विधानसभा और लोकसभा चुनाव में किया जाएगा। पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग से किया जाएगा। 

दिए आवश्यक निर्देश

जिले में एसआईआर प्रपत्रों का वितरण शत-प्रतिशत हो चुका है। वहीं अब तक 60 प्रतिशत प्रपत्र भरकर ही डिजिटलाइज्ड किए जा चुके हैं। यदि आपका फोटो पुराना है या चेहरा साफ नहीं दिखता है तो आप फॉर्म के साथ नया फोटो दे सकते हैं।

बीएलओ की ड्यूटी तय है लेकिन आयोग ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह मतदाताओं के घर पर केवल तीन विजिट करेंगे। यदि तीन विजिट के दौरान भी मतदाता फॉर्म उपलब्ध नहीं कराता है तो नौ दिसंबर के बाद उसे स्वयं निर्वाचन कार्यालय और बीएलओ से संपर्क करना पड़ेगा। जिले में अब तक 2228000 प्रपत्र डिजिटलाइज्ड किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 60 प्रतिशत है। प्रशासन के मुताबिक एसआईआर प्रपत्रों का वितरण शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।

आजमगढ़ के आंकड़े –

  • कुल मतदाता : 3714250
  • कुल बीएलओ : 3869
  • वितरित किए गए फॉर्म : शत-प्रतिशत
  • फीडिंग: 22 लाख 28 हजार

उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ होंगे पुरस्कृत
एसआईआर में श्रेष्ठ कार्य करने वाले बीएलओ को शील्ड, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं अब तक जिन बीएलओ द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।

अगर कोई 2003 के बाद शादी होने के बाद ससुराल आ गई है तो उसे ससुराल पक्ष की जगह अपने माता-पिता का नाम गणना प्रपत्र भरना होगा। जिले में अब तक 60 प्रतिशत गणना पपत्रों की फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है।