#आजमगढ जिले के हरैया ब्लॉक में कल दिनांक 4 अक्टूबर को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 17 सितंबर के अनुसार ब्लॉक प्रमुख संदीप पटेल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का फ़्लोर टेस्ट कराया गया#

आजमगढ जिले के हरैया ब्लॉक में कल दिनांक 4 अक्टूबर को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 17 सितंबर के अनुसार ब्लॉक प्रमुख संदीप पटेल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का फ़्लोर टेस्ट कराया गया है, माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार जिला प्रशासन ने फ़्लोर टेस्ट कराया, ज़िले में रहने के नाते आप सब जानते हैं कि हरैया ब्लॉक प्रमुख संदीप पटेल सिर्फ़ एक मुहर है जिसका पूरी तरह प्रयोग एक शराब माफ़िया संतोष सिंह उसका भाई मिस्टर सिंह और एक हिस्ट्री शीटर यादव कर रहे थे, इन लोगों ने हरैया ब्लॉक के विकास की निधि का पूरी तरह दुरुपयोग किया और घोर भ्रष्टाचार करके हरैया ब्लॉक के विकास को पूर्णत: बाधित किया, पूरे ब्लॉक में धन उगाही और जगह जगह पर व्यक्तिगत अपना प्रचार किया, खुली गुंडागर्दी और विकास निधि का सारा पैसा खा गये, इस बात को लेकर हरैया ब्लॉक के पंचायत से चुने हुए सभी जन प्रतिनिधि, सभी BDC और प्रधान, ग़ुस्से में थे और सभी ब्लॉक प्रमुख संदीप पटेल के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाए, उक्त अविश्वास प्रस्ताव पर पहले उच्च न्यायालय से आदेश फ़्लोर टेस्ट का हुआ जिससे पहले माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश से स्थगित कर दिया ततपश्चात उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के उपरांत फ़्लोर टेस्ट कराने का आदेश जिला प्रशासन को दिया गया और जिला प्रशासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया और फ्लोर टेस्ट कराया गया।
यहाँ पर संतोष सिंह शराब माफ़िया के प्रभाव में आकर कुछ बड़े नेता इसे दल की लड़ाई बना रहे हैं कुछ नेता अपना व्यक्तिगत वर्चस्व बनाने हेतु इसे भारतीय जनता पार्टी/ समाजवादी पार्टी/ बहुजन समाज पार्टी के नाम का डंका बजा रहे है जबकि यहाँ स्पष्ट करना है कि कल जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया उसका कोई मतलब भाजपा, सपा व बसपा से नहीं था कल प्रशासन द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव और फ़्लोर टेस्ट सिर्फ़ और सिर्फ़ माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन था, वहाँ किसी तरह का चुनाव किसी तरह के प्रत्याशी के बीच नहीं हो रहा था और किसी भी दल द्वारा कोई प्रत्याशी नहीं खड़ा किया गया था, पार्टी के पीछे बल्कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सारे BDC संदीप पटेल और संतोष सिंह के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद फ़्लोर टेस्ट पर वोटिंग कर रहे थे जैसा कि रुझान बता रहे हैं कल हुई वोटिंग में संतोष सिंह और संदीप पटेल के पक्ष में 1 भी BDC ने वोट नहीं किया और १०० प्रतिशत BDC और पंचायत के प्रतिनिधियों ने संतोष सिंह और संदीप पटेल के भ्रष्टाचार के आगे अपनी संघर्ष को जारी रखते हुए उनके खिलाफ वोट देने का काम किया, मेरा आप सभी के माध्यम से आग्रह है कि इसको दलीय लड़ाई के रूप में प्रस्तुत न करें और न ही ये नए प्रमुख का चुनाव है, यह लड़ाई भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हरैया ब्लॉक में आने वाले पंचायत के सदस्यों के बीच में है, इस लड़ाई में हम प्रशासन का धन्यवाद देते हैं कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई करने का कार्य किया
हरैया ब्लाक किसी माफ़िया की जागीर नहीं है, हम प्रतिबद्ध है हरैया ब्लॉक के विकास के लिए, जनसेवा के लिए।
हम प्रतिबद्ध है माननीय मोदीजी और योगी जी के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाने के लिए, हर्रैया ब्लॉक पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ़ और सिर्फ़ सन्तोष सिंह और संदीप पटेल के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत लाया गया प्रस्ताव है, इसका किसी पार्टी दल की राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।
आप सभी बड़े नेताओं से निवेदन है कि भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए दलीय झगड़े में इस भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हो रहे संघर्ष और मोदी जी एवं योगी जी के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए हरैया ब्लॉक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु साथ आयें।
कल हुए हरैया ब्लॉक के फ्लोर टेस्ट के बाद आशीष सिंह, वंदना देवी बीडीसी के पति पप्पू कुमार,कौशलेंद्र सिंह मिंटू, प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष हरैया उमेश यादव ने सामूहिक रूप से प्रेसवार्ता कर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया।