


जिलाधिकारी श्री प्रवीण मिश्र के निर्देश के क्रम में जनपद-मऊ के रतनपुरा ब्लाक के अंतर्गत अवैध रूप से अल्ट्रासाउण्ड सेण्टर,पैथोलॉजी एवं चिकित्सालय संचालित हो रहे थे। जिलाधिकारी के द्वारा तीन टीम का गठन किया गया। जिसमें अखिलेश सिंह उपजिलाधिकारी,दीपक सिंह, उपजिलाधिकारी एवं शैलेन्द्र सिंह तहसीलदार एवं उपनिरीक्षक,झिल्लूराम,उपनिरीक्षक समरजीत यादव, उपनिरीक्षक श्रीमान सिंह,के एक साथ अवैध एवं फर्जी चिकित्सालयों,डायग्नोसिस सेंटरों,पूजा चौधरी क्लीनिक, इन्दूजीत अस्पताल,महादेव अल्ट्रासाउण्ड,पर एक साथ छापेमारी की कार्यवाही की गयी।जिसमें पूजा चौधरी क्लीनिक में तीन मरीज भर्ती पाये गयें जिनका सिजेरियन के द्वारा प्रसव हुआ था।उक्त चिकित्साय में अल्ट्रासाउण्ड मशीन एवं पैथोलॉजी का संचालन होते हुये पाया गया। तथा इन्दूजीत अस्पताल बेसमेंट में संचालित हों रहा था,यहां पर भी सिजेरियन के द्वारा प्रसव के मरीज पाये गयें, अल्ट्रासाउण्ड मशीन एवं पैथोलॉजी का संचालन होते हुए पाया गया।सभी मरीजों को जिला महिला चिकित्सालय में सिफ्ट करा दिया गया।
महादेव अल्ट्रसाउण्ड सेटर अवैध रूप से संचालित होते पाया गया तथा उसी परिसर में काव्या पैथोलॉजी को अवैध रूप से संचालित पाया गया। उपरोक्त सभी अवैध एवं फर्जी तरीके से संचालित चिकित्सालय/ अल्ट्रासाउण्ड/पैथालॉजी सेटरों को सील कर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी जनपद वासियों से अपील की,कि जनपद में चिकित्सालय की सेवा लेने से पूर्व यह सुनिश्चित कर ले की वह कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा पंजीकृत है अथवा नहीं। डायग्नोस्टिक सेंटर की सेवा लेने से पूर्व सुनिश्चित कर ले कि यह पी०सी०पी०एन०डी०टी एक्ट के अंतर्गत अधिकृत है या नहीं।

