#पुलिस पर हमला, तोड़फोड़, बलवा करने के आरोपी 13 नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पुलिस गाड़ी तोड़ने संग इंस्पेक्टर का पैर फ्रैक्चर होने का आरोप#

आजमगढ़ : तरवां थाना क्षेत्र में सन्नी कुमार पुत्र हरिकान्त निवासी उमरी थाना
तरवां के थाना लॉकअप के शौचालय में सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या की घटना को लेकर थाना के सी जितेंद्र कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप के अनुसार बलवन्त पुत्र बल्‍ली निवासी पलिवार थाना बहरियाबाद जनपद गाजीपुर, महेश सोनी पुत्र स्व0 रामसमुझ सेठ निवासी बड़कापुरा थाना तरवां, अजय कुमार पुत्र कान्ता प्रसाद निवासी पिलखुआ थाना मेहनगर, मधुबन राम पुत्र प्रमोद राम निवासी बरेहता थाना तरवां, चन्दन राम पुत्र छवि लाल निवासी बरेहता थाना तरवां, राकेश यादव पुत्र लोकनाथ यादव निवासी पट्टी भीखारी थाना तरवां, रोहित कुमार पुत्र रमेश राम निवासी भिलिहिली थाना तरवां, विशाल सिंह पुत्र रामनवल सिंह निवासी असधीरपुर थाना तरवां, मुकेश कुमार निवासी कबूतरा थाना तरवां, संजय राम पुत्र लक्षिराम निवासी बरहेता थाना तरवां, महेश कुमार पुत्र कुजंन राम निवासी फत्तेपुर लोहानपुर थाना मेहनगर, जैकी पुत्र सन्तलाल राम निवासी फत्तेपुर लोहानपुर थाना मेहनगर, शिवम पुत्र दरसू राम निवासी फत्तेपुर (लोहानपुर) थाना मेहनगर व 30 – 40 अज़ात व्यक्तियों ने थाना स्थानीय के परमानपुर चौराहे पर लाठी डण्डा व ईट पत्थर लेकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए परमानपुर चौराहे पर जाम लगा दिया। जिससे यातायात व्यवस्था पूर्णतः बाधित हो गया जिससे सभी प्रकार के वाहन, रोडवेज बस, एंबुलेन्स आदि का आवगमन बाधित हो गया। उक्त सूचना पर कई थाना और सेल के प्रभारी मौके पर पहुंचे थे।मौके पहुंचे पर जाम कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन बलवाई/ प्रदर्शनकारी एकाएक उग्र हो गए। एक राय होकर गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देते फसाद करने लगे। हाथो में लाठी, डण्डा, सरिया व ईट
पत्थर आदि लेकर जान से मारने की नियत से हमला कर दिये और पुलिस बल पर पत्थरबाजी करने लगे। मौके पर शांति व्यवस्था ड्यूटी में मौजूद निरीक्षक अखिलेश मौर्या प्रभारी मानीटरिंग सेल आजमगढ़ को मारपीट कर गंम्भीर रूप से घायल कर दिये व प्राणघातक हमले से उनका पैर टूट गया व अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गये। थाना सिधारी के वाहन पर हमला कर दिया गया। किसी प्रकार वाहन में बैठे प्रभारी निरीक्षक सिधारी व हमराही कर्मचारीगण अपनी जान बचाकर वाहन से निकले। हमलावर उक्त सरकारी वाहन के अगले व पिछले शीशा, हेड लाईट, साईड मिरर, बोनट आदि पुर्जों को क्षतिग्रस्त कर दिये जिसका विडियो है। मौके पर मौजूद
पुलिस बल द्वारा काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया गया किन्तु बलवाई अपनी बेजा हरकत से बाज नही आ रहे थे। बलवाई द्वारा बाजार के तमाम दुकानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया, बलवाईयों इस कृत्य से मौके पर काफी अफरा तफरी का माहौल था। बलवाईयों द्वारा करीब 09 बजे से 4.00 बजे तक मार्ग को अवरुद्ध कर उग्र प्रदर्शन किया जाता रहा तथा कानून व्यवस्था को छिन्न भिन्न किया जाता रहा । हल्का बल प्रयोग कर बलवाईयों को मौके से हटाया गया । इस प्रकार बलवाईयो द्वारा धारा 9(2), 9(3),90, 2(), 32, 425, 09, 352, 354(2), 3(5) बीएनएस व 7 दंडविधि (संशोधन) अध्यादेश, 944 व 3/5 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का अपराध है।